सांवरे की शरण
मुरली मनोहर
भजन
About
यह भजन एक पारंपरिक और शांत अनुभव प्रदान करता है, जिसमें हारमोनियम की मधुर धुन और तबले का लयबद्ध चक्र मुख्य है। इसमें एक सामुदायिक कॉल-एंड-रिस्पॉन्स संरचना है जो धीरे-धीरे भक्ति की तीव्रता को बढ़ाती है, जिससे श्रोता एक गहरे आध्यात्मिक ध्यान में डूब जाते हैं।
Lyrics
मन की गलियों में छाई है रौनक़ आजसांसों की माला में पिरोया तेरा नामधड़कनें पुकारे तुझे ओ मेरे सांवरेमिट जाए हर एक दर्द, मिट जाए हर एक काम
अंधियारे पथ पर तू ही तो उजियारा हैसंसार की भीड़ में तू ही सहारा हैन थकी हैं आंखें, न थका है ये मनतेरी ही यादों का ओढ़ा मैंने दामनतू ही किनारा, तू ही मझधार हैतुझमें ही बसा मेरा ये संसार है
हे प्रभु, तेरी शरण में आए हैं हममिटा दो हमारे ये सारे भरमतेरी करुणा की धारा बहे निरंतरतू ही है स्वामी, तू ही है अंतरतेरी भक्ति में खो जाने का मन हैतू ही तो मेरा ये पूरा जीवन है
- राधे-श्याम, राधे-श्याम
- राधे-श्याम, राधे-श्याम
- राधे-श्याम, राधे-श्याम
- राधे-श्याम, राधे-श्याम
फूलों की खुशबू में तेरी ही महक हैसावन की बूंदों में तेरी ही चहक हैमैंने जो मांगा, वो बिन कहे पा लियातेरी चौखट पे आकर सिर झुका लियाकोई न अपना, कोई न पराया यहाँबस तू ही तू है, तू ही छाया यहाँ
भीतर की हलचल अब शांत होने लगीतेरी मूरत आँखों में आकर सोने लगीन कोई इच्छा, न कोई अब प्यास हैतेरी ही रज़ा में मेरा विश्वास हैमैं तो एक तिनका, तू विशाल सागरडूबा हुआ हूँ मैं तेरी ही याद पर
जग की ये माया सब मिथ्या है स्वामीतू ही है अंतर्यामी, तू ही है नामीउठने लगी है अब भक्ति की लहरेंमिटने लगी हैं अब पापों की नहरेंतेरा नाम जपुं, मैं दिन-रात जपुंतेरी ही राहों में अब मैं चलूं
- केशव माधव, केशव माधव
- केशव माधव, केशव माधव
- केशव माधव, केशव माधव
- केशव माधव, केशव माधव
सांसों की डोर अब तेरे ही हाथ हैतू ही तो मेरे हर सफर का साथ हैजो खोया था मैंने वो पा लिया आजतेरी दया का है मुझपे ये राजअब न कोई दूरी, न कोई है बंधनतुझमें ही लीन है मेरा ये तन-मन
शांति का सागर, प्रेम की धारातू ही है मेरा, तू ही है प्याराबस तू ही तू है, बस तू ही तू हैशांति, शांति, शांति...प्रभु, तेरे चरणों में ही विश्राम हैतेरे चरणों में ही विश्राम हैतेरे चरणों में ही विश्राम है
सांवरे की शरण
मुरली मनोहर
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