अनंत की गूँज
नभतरंग
Indian Electronic
About
यह ट्रैक पारंपरिक सितार की सूक्ष्म धुन और आधुनिक सिंथेसाइज़र के वायुमंडलीय साउंडस्केप का एक अनूठा मिश्रण है। इसमें तबला की जटिल ताल और डिजिटल प्रोसेसिंग का उपयोग किया गया है जो प्राचीन रागों को एक समकालीन इलेक्ट्रॉनिक अनुभव प्रदान करता है।
Lyrics
धुंधली सी यादों का कारवांसांसों में घुलता धुआंकहीं खो गई है ज़मींआसमान भी है बे-निशां
ओ... ओ...मन के किसी कोने मेंसुप्त कोई राग जागेपलकों के साये मेंअनकही प्यास जागेओ... ओ...
शहर की इन चमकती गलियों मेंखुद को तलाशते हमभीड़ की इस अंधी दौड़ मेंखोते हुए हर दमपत्थरों की इमारतेंऔर कांच के ये शहरख्वाबों के इस मेले मेंमैं हूँ एक मुसाफिर बे-खबर
मिट्टी की सौंधी खुशबू कोढूंढे ये मन दर-ब-दरपुरानी यादों की पोटलीबांधी है मैंने अपने सररंगों का ये कैसा मायाजालबदलता है हर पल मिज़ाजसांसों की डोर से बुना हुआनया सा ये कोई राज़
धड़कनें तेज़ होती हुईसमय की गति थमती हुईभीतर की ये हलचलबाहर की दुनिया से मिलती हुईअब बिखरने का वक्त हैअब निखरने का वक्त है
उड़ान भर ले, तू आज खुद से मिलये फासले मिटा, तू आज खुद से मिलआसमान को छू ले, तू आज खुद से मिलये बेड़ियां तोड़, तू आज खुद से मिल
तारों की इस महफिल मेंहम भी एक हिस्सा हैंइस अनंत की गहराई मेंजुड़ा हुआ अपना किस्सा हैन कोई सरहद, न कोई कैदबस बहती एक धाराखुद को खोकर पाने कायही एक सहारा
धीमी सी एक थपकीजैसे रूह की कोई पुकारशांत है ये शोर अबमिट गया है सारा तकरारमैं शून्य हूँ, मैं अनंत हूँमैं ही अपनी मंज़िल हूँ
यादों के झरोखे सेझांकती वो पुरानी शामेंआज फिर से जी लूं मैंउन अनकही सी बातों कोमशीनी इन आवाजों मेंढूंढ लूं वो सुर पुरानेवक्त की इस चादर परलिख लूं नए अफसाने
गहराई में उतरते हुएसपनों को संवारते हुएये पल ठहर जाए कहींखुद को निहारते हुएअब जागने का वक्त हैअब चमकने का वक्त है
उड़ान भर ले, तू आज खुद से मिलये फासले मिटा, तू आज खुद से मिलआसमान को छू ले, तू आज खुद से मिलये बेड़ियां तोड़, तू आज खुद से मिल
खो गए हम, पा गए हमशून्य में सब समा गए हमरूह की ये गूँज हैअब तो बस सुकून हैशांति हैबस शांति है...
अनंत की गूँज
नभतरंग
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