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Duration5:06

सफर-ए-दिल

जिगर जैन

Indi-Pop

About

यह गाना एक आधुनिक इंडी-पॉप ट्रैक है जिसमें पारंपरिक सितार की धुन और इलेक्ट्रॉनिक ड्रम मशीन का बेहतरीन मिश्रण है। इसमें एक मधुर वोकल हुक और लयबद्ध तबला ताल का उपयोग किया गया है जो इसे एक रेडियो-फ्रेंडली और रोमांटिक अनुभव देता है।

Lyrics

intro

हवाओं में घुली है आज ये कैसी महकधड़कनें मेरी भी अब करने लगी हैं चहकखोया हुआ सा दिल अब राहें ढूंढता हैतेरे ख्यालों में खुद को ही ढूँढता है

verse 1

गली के नुक्कड़ पे वो शामें पुरानीवो चाय की चुस्कियाँ, वो अधूरी कहानीसाइकिल की घंटी और तेरा वो मुस्कुरानाधीरे से आकर मेरा नाम गुनगुनानावक्त की ये लकीरें अब भी वहीं हैंतेरी यादों के निशां अब भी यहीं हैं

pre-chorus

धूप खिली है या तू सामने खड़ा हैये दिल मेरा आज फिर से कहीं अड़ा हैमंजिलें नहीं, बस तेरा साथ चाहिएतेरी आँखों में खुद को पाने का ख्वाब चाहिए

chorus

ओ मेरे हमसफर, सुन मेरी ये पुकारबढ़ती जा रही है अब ये दिल की बेकराररंगों में घुल गई है ये नई सी बहारतुझसे ही शुरू है मेरा ये सारा संसारओ मेरे हमसफर, सुन मेरी ये पुकार

verse 2

भीड़ भरी सड़कों पे ढूंढूँ मैं चेहरा तेराजैसे बादलों में छुपता हो चाँद सुनहरामेट्रो की भागदौड़ में भी सुकून का पल तूमेरे सूखे बियाबान में खिलता हुआ कल तूबातें कम होती हैं पर जज्बात ज्यादा हैंतू साथ हो तो पूरे हर दिन के इरादे हैं

pre-chorus

धूप खिली है या तू सामने खड़ा हैये दिल मेरा आज फिर से कहीं अड़ा हैमंजिलें नहीं, बस तेरा साथ चाहिएतेरी आँखों में खुद को पाने का ख्वाब चाहिए

chorus

ओ मेरे हमसफर, सुन मेरी ये पुकारबढ़ती जा रही है अब ये दिल की बेकराररंगों में घुल गई है ये नई सी बहारतुझसे ही शुरू है मेरा ये सारा संसारओ मेरे हमसफर, सुन मेरी ये पुकार

bridge

कभी जो उदास हो तो मैं ढाल बन जाऊँतेरी हर मुश्किल में मैं संभाल बन जाऊँदूरियाँ ये मिटा दे, आ पास तू ज़रातुझमें ही तो बसा है मेरा हर एक सवेराये मंजर, ये पल, ये ठहरती हुई शामसब कुछ है अब बस तेरे ही नाम

bridge

ख्वाबों के पन्नों पे नाम तेरा लिख दियाखुद को मैंने तुझमें ही तो रख दियाअब ना कोई शिकवा, ना कोई है मलालतू है तो मुमकिन है हर एक मुश्किल सवाल

chorus

ओ मेरे हमसफर, सुन मेरी ये पुकारबढ़ती जा रही है अब ये दिल की बेकराररंगों में घुल गई है ये नई सी बहारतुझसे ही शुरू है मेरा ये सारा संसारओ मेरे हमसफर, सुन मेरी ये पुकार

outro

हवाओं में घुली है आज ये कैसी महकधड़कनें मेरी भी अब करने लगी हैं चहकबस तू ही तू, अब हर तरफ तू ही तूमेरी दास्ताँ का अब तू ही है रूबरूतू ही तू... बस तू ही तू...

सफर-ए-दिल

जिगर जैन

Preview

सफर-ए-दिल by जिगर जैन | EchoLoRA: Generate a Song with AI