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नुक्कड़ की ललकार
Duration3:16

नुक्कड़ की ललकार

फौलाद-शेर

Desi Hip Hop

About

यह ट्रैक भारी 808 बेसलाइन और जटिल ट्रैप-स्टाइल हाय-हैट्स का एक शक्तिशाली मिश्रण है, जिसमें पारंपरिक तबला और ढोल की थाप का उपयोग किया गया है। गीत में हिंदी और पंजाबी का समावेश है, जो एक विद्रोही और आत्मविश्वासी स्ट्रीट-कल्चर की कहानी बयां करता है।

Lyrics

intro

ये खेल पुराना है, पर चालें नई हैंसड़कों पे शोर है, मेरी बातों में आग हैदेख, मैं आ गया हूँ।

verse

गली के नुक्कड़ से उठा, हाथों में बस मेरा नामकिस्मत की लकीरों को घिसा, मैंने किया है कामधूल में सने ये जूते, पर इरादे फौलाद हैंतेरी महफिल की बातें, मेरे लिए महज विवाद हैंयहाँ हर कदम पे इम्तिहान, हर मोड़ पे एक साज़िशमैंने सीखी है लड़ना, मेरी यही तो है नवाज़िशपसीने की बूंदें, जैसे मोती बिखरते हैंहम वो नहीं जो डर के पीछे मुड़कर निखरते हैं।

pre-chorus

आंखों में चमक, सीने में एक तूफ़ान हैतू समझता जिसे खेल, ये मेरी पहचान हैरुकेगा नहीं कारवां, ये वक्त का पहिया हैजो भी खोया था कल, आज फिर से जिया है।

chorus

उठ खड़ा हो, अब वक्त का तू रुख मोड़ देजो जंजीरें हैं पैरों में, उन्हें आज तोड़ देये मेरी ज़मीन है, यहाँ मेरा ही दौर हैसुन ले ज़माने, ये मेरी रूह का शोर है।

verse

बड़े-बड़े वादे, और खोखली ये बातें हैंअंधेरी सड़कों पे, कटी मेरी रातें हैंऊँचे महलों की चमक, मुझे छू न पाई कभीमैंने माँ की दुआओं में, अपनी जन्नत पाई है अभीलोग पूछते हैं रास्ता, मैं तो खुद ही मंज़िल हूँतूफ़ानों के बीच खड़ा, एक शांत सा दिल हूँअपनी कलम की स्याही से, इतिहास मैं लिखूँगातू देख तमाशा, मैं खुद को तराश कर निखरूँगा।

bridge

कभी गिरना, कभी संभलना, यही तो दस्तूर हैमंजिल की प्यास में, हर बंदा मजबूर हैन कोई सिफारिश, न किसी का सहारा हैजो भी आज चमकता है, वो खुद का ही सितारा है।

verse

ये शहर गवाह है, मेरी मेहनत की लकीरों कामैं मुसाफिर हूँ यहाँ, अपनी ही तक़दीरों कादबाया था मुझे, तो मैं और उभर आया हूँमैं राख से उठकर, फिर से आग बनकर छाया हूँसपनों की उड़ान, अब आसमान को छुएगीमेरी आवाज़ की गूँज, हर दिल में सोएगीये खेल खत्म नहीं, ये तो बस शुरुआत हैमेरी हर एक सांस में, छिपी एक नई बात है।

chorus

उठ खड़ा हो, अब वक्त का तू रुख मोड़ देजो जंजीरें हैं पैरों में, उन्हें आज तोड़ देये मेरी ज़मीन है, यहाँ मेरा ही दौर हैसुन ले ज़माने, ये मेरी रूह का शोर है।

outro

शोर है, बस शोर हैये मेरा दौर हैकल फिर मिलेंगे, एक नई सुबह के साथतब तक, बस याद रखना ये बातमैं यहीं हूँ, मैं कहीं नहीं गया।

नुक्कड़ की ललकार

फौलाद-शेर

Preview

नुक्कड़ की ललकार by फौलाद-शेर | EchoLoRA: Generate a Song with AI