साँसों में तेरा नाम
साध्वी ईशानी
भजन
About
यह भजन राग-आधारित स्वरलिपि और पारंपरिक वाद्ययंत्रों जैसे हारमोनियम और तबले के सूक्ष्म संयोजन से निर्मित है। इसकी गायन शैली ध्यानपूर्ण है, जो श्रोता को आंतरिक शांति और ईश्वरीय चेतना की गहराई में ले जाती है।
Lyrics
ओम् शांति, ओम् शांतिमन के भीतर, ज्योत जलीशून्य में सब, खो गया हैचेतना अब, जाग उठी
साँसों की डोरी में, तेरा ही नाम पिरोयादुनिया के कोलाहल से, दूर मैं खुद को पायाअहंकार की ये परतें, धीरे-धीरे पिघल रही हैंतेरी करुणा की धारा, रूह में मेरी बह रही हैं
- आओ मिलके गाएं
- उस परम ज्योति को ध्याएं
- सब कुछ अर्पण कर दें
- उसकी शरण में भर लें
तेरा ही नूर, कण-कण में छायातू ही तो है, जो समझ में आयामिट गया द्वैत, मिट गई दूरीतेरी कृपा से, हर चाहत पूरीअनंत सागर, असीम मायातेरी ही छाया, सबने पाया
- तू ही सत्य है
- तू ही नित्य है
- मन का आधार
- तेरा ही प्यार
शांत हुआ मन, शांत है धरातू ही समाया, रोम-रोम में भराओम्... ओम्... ओम्...शांति... शांति... शांति...
साँसों में तेरा नाम
साध्वी ईशानी
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