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Duration5:04

मेरी रूह का शोर

धूल-धक्कड़

देसी हिप हॉप

About

यह ट्रैक भारी 808 सब-बास और जटिल ट्रैप हाई-हैट्स का एक शक्तिशाली मिश्रण है, जिसमें पारंपरिक तबला और सितार के नमूनों को आधुनिक साउंडस्केप के साथ बुना गया है। इसमें बहुभाषी रैपिंग के माध्यम से संघर्ष और आत्म-पहचान की कहानी को बहुत ही तीव्रता के साथ पेश किया गया है।

Lyrics

intro

गली की धूल में जो नाम लिखा हैवही मेरी पहचान, वही मेरा मकाम हैउठो, देखो, ये वक्त बदला हैजो कल तक खामोश थे, आज उनका पैगाम है

verse

कंक्रीट के जंगलों में दौड़ती ये जिंदगीजेब में सपने और आँखों में है बंदगीधूप में तपा हूँ, जैसे तपती ये सड़केंमंजिल की प्यास में मैंने छोड़ी सब हदेंना कोई सिफारिश, ना कोई पुराना नाममेहनत की लकीरों से लिखा है अपना कामवो कहते थे कि तू बस भीड़ का हिस्सा हैमैंने खुद को तराशा, मैं खुद ही किस्सा हूँ

pre-chorus

शोर बढ़ रहा है, दिल की धड़कन तेज हैमिट्टी की खुशबू में आज गजब का परहेज हैजो दबाया था मुझे, अब वही उभर रहामेरे लफ्जों का असर अब शहर में उतर रहा

chorus

ये मेरी रूह का शोर, ये मेरी फितरत हैअपनी ही शर्तों पर जीने की आदत हैझुकना नहीं सीखा, बस उड़ना ही जाना हैइस भीड़ में मुझे अपना अलग ठिकाना बनाना है

verse

चारों तरफ देखो, सब दौड़ में शामिल हैंपर कितनों के पास अपने खुद के साहिल हैं?मैं लड़ता हूँ खुद से, मैं लड़ता हूँ जहान सेरिश्ता निभाता हूँ मैं अपनी ही आन सेपुराने किस्से छोड़ो, अब नई दास्तान लिखनी हैजो पत्थर राह में हैं, उन्हीं से सीढ़ियाँ बनानी हैंधूल चेहरे पर है, पर इरादे साफ हैंकिस्मत की लकीरों को बदलने के हम ही बाप हैं

bridge

तूफ़ान आने दो, मैं खड़ा हूँ अडिग यहाँमेरी आवाज़ ही काफी है, गूँजने के लिए यहाँनफरत की आग में भी मैं फूल बन के खिलूँगाअपनी हार के टुकड़ों से जीत का नक्शा सिलूँगावक्त का पहिया अब मेरे इशारों पर घूमेगाजो आज हँसते हैं, कल वो मेरा नाम चूमेगा

verse

साया मेरा बड़ा है, मेरी सोच से भी ज्यादामैंने खुद से ही किया है ये अटूट वादाज़मीन से उठा हूँ, आसमां को छूना हैजो कांटे राह में हैं, उन्हें फूल बनाना हैकोई शॉर्टकट नहीं, बस पसीने की धार हैमेरी हर एक कोशिश, मेरी जीत का आधार हैदिखावा नहीं, ये मेरी हकीकत की जंग हैमेरे हर एक शब्द में, मेरा अपना ही रंग है

chorus

ये मेरी रूह का शोर, ये मेरी फितरत हैअपनी ही शर्तों पर जीने की आदत हैझुकना नहीं सीखा, बस उड़ना ही जाना हैइस भीड़ में मुझे अपना अलग ठिकाना बनाना है

bridge

सुनो गौर से, ये मेरी धड़कन की लय हैहर एक शब्द में बसी मेरी खुद की ही जय हैना डर है किसी का, ना कोई अब गुरूर हैमंजिल पास है, अभी बस थोड़ा सा दूर है

outro

नाम याद रखना, ये दौर मेरा आने वाला हैहर एक लफ्ज अब हकीकत में ढलने वाला हैदहाड़ मेरी सुनो, अब सन्नाटा टूटेगामुझसे जुड़ोगे तो, ये सारा ज़माना छूटेगावक्त आ गया है, अब पीछे नहीं मुड़ना हैबस आगे बढ़ना है, और ऊँचा ही उड़ना हैऊँचा ही उड़ना है।

मेरी रूह का शोर

धूल-धक्कड़

Preview

मेरी रूह का शोर by धूल-धक्कड़ | EchoLoRA: Generate a Song with AI