तेरी शरण में
शरण स्वर
भजन
About
यह भजन एक पारंपरिक हारमोनियम मेलोडी और तबला रिदमिक साइकिल के साथ बुना गया है, जिसमें एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव मिलता है। इसमें कॉल-एंड-रिस्पॉन्स वोकल पैटर्न का उपयोग किया गया है जो धीरे-धीरे भक्ति की तीव्रता को बढ़ाता है और एक शांत, मेडिटेटिव माहौल बनाता है।
Lyrics
मन की गलियों में छाई है खामोशीसाँसों में बसी है बस तेरी ही मदहोशीअंधियारे पथ पर जलता है एक दीयातेरी शरण में मैंने सब कुछ सौंप दिया
दुनिया के शोर से दूर, एक किनारा मिल गयातेरी चौखट पे आकर, दिल का सितारा खिल गयान कोई चाहत बची, न कोई अब अरमान हैतू ही मेरी इबादत, तू ही मेरी पहचान है
ओ मेरे प्रभु, तेरी माया अपरम्पार हैतेरे चरणों में ही मेरा संसार हैमैं तो हूँ एक तिनका, तू समंदर गहरा हैमेरी आँखों में बस तेरा ही चेहरा है
राधे कृष्ण, राधे कृष्ण
मन के मोहन, मन के मोहन
दुख हरने वाले, दुख हरने वाले
प्रेम बरसाने वाले, प्रेम बरसाने वाले
मिट गई दूरी, अब तो तू मेरे पास हैतेरी कृपा ही मेरे जीने की आस हैजो भी मिला है, तेरा ही तो दान हैतुझमें ही सिमटा मेरा पूरा जहान है
जगमग-जगमग ज्योति जगे, अंतस मेरा खिल उठेभटक रही थी जो रूह, अब तुझसे आके मिल उठेतेरा नाम ही अमृत, तेरी धुन ही सहारा हैतू ही किनारा है, तू ही सहारा हैतू ही किनारा है, तू ही सहारा है
जय श्री कृष्ण, जय श्री कृष्ण
हरि ओम, हरि ओम
माधव, माधव
केशव, केशव
साँसें थम सी गई हैं, मौन हो गया है मनतुझमें खो गया है अब तो ये तन-बदनशांति की लहरें, रूह को छू रही हैंतेरी रज़ा में ही मेरी खुशियाँ बह रही हैंबस तू ही तू...बस तू ही तू...मेरे प्रभु...
तेरी शरण में
शरण स्वर
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