सांसों का संगम
आकाशवाणी सुर
इंडियन इलेक्ट्रॉनिक
About
यह ट्रैक पारंपरिक राग-आधारित मेलोडी और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक साउंडस्केप का एक परिष्कृत मिश्रण है। इसमें तबला की जटिल पॉलीरिदम और सिंथेसाइज़र की वायुमंडलीय परतों का उपयोग किया गया है, जो एक ध्यानपूर्ण और ऊर्जावान अनुभव प्रदान करता है।
Lyrics
रेत की घड़ी में सिमटा हुआ वक्तसांसों की डोर पर थिरकता सफरखामोश गलियों में गूँजती है रूहअनकही बातों का एक गहरा असर
सा रे गा म प ध नि सानयनों में बसी ये धुंधली सी आससा रे गा म प ध नि सासमय की लहरों का मीठा सा आभास
दूरी मिटाने को बेताब धड़कनेंमंजिल की राहों में बिखरे हैं सायेपुरानी फिजाओं में नई सी उमंगखुद को हम खुद में ही ढूँढते आए
जाग उठी है ये मिट्टी की खुशबूआसमान झूमता है मेरी ही धुन मेंतारों की छांव में खोया है कलजिंदगी बह रही है एक नई चुन में
नदी का किनारा, सवेरा पुरानामगर रास्ते अब हैं कुछ अनजानेहवाओं में घुली है कोई मखमली गूँजदिल के हर कोने को खुद को सुनाने
जाग उठी है ये मिट्टी की खुशबूआसमान झूमता है मेरी ही धुन मेंतारों की छांव में खोया है कलजिंदगी बह रही है एक नई चुन में
ठहरा हुआ पल, बिखरती रोशनीसफर अब खत्म है, या फिर शुरूसांसों का ये संगम, ये नूरानी शाममिट गया फासला, सब कुछ है रूबरू
सांसों का संगम
आकाशवाणी सुर
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