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Duration4:55

सांसों का संगम

आकाशवाणी सुर

इंडियन इलेक्ट्रॉनिक

About

यह ट्रैक पारंपरिक राग-आधारित मेलोडी और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक साउंडस्केप का एक परिष्कृत मिश्रण है। इसमें तबला की जटिल पॉलीरिदम और सिंथेसाइज़र की वायुमंडलीय परतों का उपयोग किया गया है, जो एक ध्यानपूर्ण और ऊर्जावान अनुभव प्रदान करता है।

Lyrics

intro

रेत की घड़ी में सिमटा हुआ वक्तसांसों की डोर पर थिरकता सफरखामोश गलियों में गूँजती है रूहअनकही बातों का एक गहरा असर

raga-alap

सा रे गा म प ध नि सानयनों में बसी ये धुंधली सी आससा रे गा म प ध नि सासमय की लहरों का मीठा सा आभास

build-up

दूरी मिटाने को बेताब धड़कनेंमंजिल की राहों में बिखरे हैं सायेपुरानी फिजाओं में नई सी उमंगखुद को हम खुद में ही ढूँढते आए

drop

जाग उठी है ये मिट्टी की खुशबूआसमान झूमता है मेरी ही धुन मेंतारों की छांव में खोया है कलजिंदगी बह रही है एक नई चुन में

breakdown

नदी का किनारा, सवेरा पुरानामगर रास्ते अब हैं कुछ अनजानेहवाओं में घुली है कोई मखमली गूँजदिल के हर कोने को खुद को सुनाने

drop

जाग उठी है ये मिट्टी की खुशबूआसमान झूमता है मेरी ही धुन मेंतारों की छांव में खोया है कलजिंदगी बह रही है एक नई चुन में

outro

ठहरा हुआ पल, बिखरती रोशनीसफर अब खत्म है, या फिर शुरूसांसों का ये संगम, ये नूरानी शाममिट गया फासला, सब कुछ है रूबरू

सांसों का संगम

आकाशवाणी सुर

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