यादों का खुमार
प्रणय तिवारी
इंडि-पॉप
About
यह गाना एक भावुक इंडि-पॉप रचना है जिसमें आधुनिक सिंथेसाइज़र के साथ पारंपरिक तबला और ढोलक की थाप का मिश्रण है। इसमें कॉलेज के दिनों की यादों और बिछड़ने के दर्द को एक मधुर वोकल हुक और पॉप कॉर्ड संरचना के माध्यम से खूबसूरती से पिरोया गया है।
Lyrics
ओ ओ ओ, ये हवाएं कुछ कहती हैंओ ओ ओ, यादें दिल में रहती हैं
शहर की इन भीड़-भाड़ वाली गलियों मेंमैं ढूँढता हूँ तुम्हें उन पुरानी गलियों मेंवो चाय की टपरी, वो हँसती हुई बातेंवो कॉलेज के बाहर गुज़ारी हुई रातेंअब भी उन यादों का खुमार बाकी हैमेरे दिल के एक कोने में तेरा प्यार बाकी है
घड़ी की सुईयां अब भी वहीं ठहरी हैंतेरी खामोशियाँ भी मुझसे कुछ कह रही हैंक्या तूने भी कभी मुड़कर देखा है?क्या तूने भी उस वक़्त को सहेजा है?
तू है तो ये दुनिया रंगीन लगती हैबिन तेरे हर खुशी अब गमगीन लगती हैचल कहीं दूर ले चलूँ तुझे इन हवाओं मेंखो जाएँ हम दोनों बस अपनी ही राहों मेंतू है तो ये दुनिया रंगीन लगती है
वो साइकिल के पीछे तेरा बैठना वो शर्मानावो चुपके से मेरा तुझे घर छोड़कर आनाआज भी वो खुशबू हवाओं में घुलती हैतेरे बिना ये धड़कन अब भी मुश्किल से चलती हैन जाने कौन सा मोड़ था जहाँ हम बिछड़ गएसब कुछ था पास, फिर भी सब बिखर गए
घड़ी की सुईयां अब भी वहीं ठहरी हैंतेरी खामोशियाँ भी मुझसे कुछ कह रही हैंक्या तूने भी कभी मुड़कर देखा है?क्या तूने भी उस वक़्त को सहेजा है?
तू है तो ये दुनिया रंगीन लगती हैबिन तेरे हर खुशी अब गमगीन लगती हैचल कहीं दूर ले चलूँ तुझे इन हवाओं मेंखो जाएँ हम दोनों बस अपनी ही राहों मेंतू है तो ये दुनिया रंगीन लगती है
कभी-कभी लगता है, तू पास ही खड़ी हैमेरी रूह के हर पन्ने पर तेरी याद बड़ी हैकोई मंज़िल नहीं, कोई रास्ता नहींतेरे सिवा अब कोई वास्ता नहींबस एक झलक तेरी, और ये दिल संभल जाएजैसे कोई खोया हुआ तारा फिर से चमक जाए
ये शहर सोता है, पर मेरी आँखें जागती हैंतेरी बातें मेरी रूह को रोज माँगती हैंक्या फिर से वो दिन लौटकर आएँगे?क्या हम फिर से साथ मुस्कुराएँगे?
तू है तो ये दुनिया रंगीन लगती हैबिन तेरे हर खुशी अब गमगीन लगती हैचल कहीं दूर ले चलूँ तुझे इन हवाओं मेंखो जाएँ हम दोनों बस अपनी ही राहों मेंतू है तो ये दुनिया रंगीन लगती है
रंगीन लगती है...बस तू पास हो तो...ये दुनिया हसीन लगती है...ओ ओ ओ...यादें... बस यादें...फिर मिलेंगे कभी...इन्हीं राहों में...
यादों का खुमार
प्रणय तिवारी
Preview