ओम् नमो: अनंत की ओर
ओमकारानंद
भजन
About
यह भजन राग-आधारित धुन और पारंपरिक वाद्ययंत्रों जैसे हारमोनियम और तबले के साथ तैयार किया गया है। इसमें ध्यान केंद्रित करने वाली गायकी और कॉल-एंड-रिस्पॉन्स पैटर्न का उपयोग किया गया है जो एक शांत और आध्यात्मिक वातावरण बनाता है।
Lyrics
ओम् नमो, ओम् नमोहृदय के द्वार खोल देभीतर का अंधियारा मिटा देओम् नमो, ओम् नमो
सांसों की माला पे तेरा ही नाम लिखूँमन के मंदिर में तेरी ही शाम लिखूँन मैं रहा, न मेरी कोई पहचान रहीबस तेरी मर्जी, तेरी ही कमान रहीमिट गई दूरी, मिट गया है ये फासलातेरे ही नूर से रोशन हुआ ये हौसला
- गाओ रे मनवा
- तेरा ही नाम
- ढूंढूँ मैं तुझको
- अपने ही काम
- तू ही किनारा
- तू ही मझधार
- मिट जाए हस्ती
- हो जाए पार
अहंकार की ये दीवारें गिर रही हैंतेरी करुणा की बूंदें गिर रही हैंअनंत की ओर ये रूह उड़ चली हैसत्य की ज्योति आज जल रही हैसब कुछ तेरा, मैं तो बस एक साया हूँतेरी शरण में खुद को ही पाया हूँ
- जप ले तू नाम
- छोड़ दे ये काम
- पा ले तू शांति
- पा ले विश्राम
ओम् नमो, ओम् नमोअनंत में विलीन होओम् नमो, ओम् नमोशांति ही शांति होओम् नमो, ओम् नमो
ओम् नमो: अनंत की ओर
ओमकारानंद
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