Skip to content
नदिया के तीर बसेरा
Duration3:45

नदिया के तीर बसेरा

आर्यन वनवासी

भारतीय लोक संगीत

About

यह गीत पारंपरिक भारतीय लोक शैलियों का एक सुंदर मिश्रण है, जिसमें ढोलक की लयबद्ध ताल और सारंगी की मर्मस्पर्शी धुनें शामिल हैं। इसमें एक मधुर मोडल मेलोडी और लयबद्ध गायन शैली का उपयोग किया गया है जो ग्रामीण भारत की सोंधी मिट्टी और सावन की यादों को जीवंत करती है।

Lyrics

intro

ओ सांवरे, ओ मनमीतमिट्टी की सोंधी खुशबू मेंबसे हैं तेरे गीतओ मेरे मीत

verse

खेतों की मेढ़ों पर बैठ केसूरज को ढलते देखा हैतेरी यादों के काजल सेमैंने अपना माथा रेखा हैपगडंडी की धूल उड़ी हैजैसे कोई सपना टूटा होपीपल की ठंडी छाया मेंजैसे कोई रिश्ता छूटा हो

refrain

ओ नदिया के तीर बसेरामन में तेरा ही फेरासावन की पहली बूंदों मेंढूंढूं मैं मुखड़ा तेराओ नदिया के तीर बसेरामन में तेरा ही फेरा

verse

चांदी जैसी रात खिली हैतारों ने भी आंखें मूंदींतेरी पायल की छन-छन नेमेरी धड़कनें खूब हैं गूंदींगुलमोहर की लाल पंखुड़ीजैसे कोई खत लिखती होतेरी बातों की मीठी मिश्रीमेरे मन में घुलती रहती हो

refrain

ओ नदिया के तीर बसेरामन में तेरा ही फेरासावन की पहली बूंदों मेंढूंढूं मैं मुखड़ा तेराओ नदिया के तीर बसेरामन में तेरा ही फेरा

instrumental-break
verse

चुन्नी के कोने में मैंनेतेरे नाम की गांठ लगाई हैमटकी फोड़ के मक्खन जैसेतूने मेरी नींद चुराई हैगांव की उस चौपाल पे अब भीतेरी आहट का पहरा हैतू ही मेरी इबादत हैतू ही मेरा किनारा है

refrain

ओ नदिया के तीर बसेरामन में तेरा ही फेरासावन की पहली बूंदों मेंढूंढूं मैं मुखड़ा तेराओ नदिया के तीर बसेरामन में तेरा ही फेरा

outro

सावन की पहली बूंदेंतेरी यादें, तेरी धुनेंमिट्टी में बस गए हमसांवरे, ओ मेरे मनमीतबस गए हम...बस गए हम...

नदिया के तीर बसेरा

आर्यन वनवासी

Preview

नदिया के तीर बसेरा by आर्यन वनवासी | EchoLoRA: Generate a Song with AI