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Duration4:43

गली का राजा

धूल-धूसरित

देसी हिप हॉप

About

यह ट्रैक भारी 808 सब-बास और जटिल ट्रैप हाई-हैट्स का मिश्रण है, जिसमें पारंपरिक तबला और ढोल की थाप का उपयोग किया गया है। इसमें बहुभाषी रैपिंग के साथ एक कच्चा और शक्तिशाली शहरी अनुभव है जो संघर्ष और सफलता की कहानी कहता है।

Lyrics

intro

गली की धूल में दबे हैं मेरे ख्वाब सारेधुएं के छल्लों में उड़ते ये सितारेवही पुरानी सड़क, वही नशा, वही शोरमंजिल की तलाश में भटकता है हर एक छोरसुन, ये मेरी दास्तान है।

verse

सीमेंट की इन दीवारों पर लिखा है मेरा नामबिना पसीने बहाए यहाँ मिलता नहीं है कामजेब में हैं खाली हाथ, पर आँखों में है आगतक़दीर को बदलने की ठानी है मैंने आजवो कहते थे मैं कुछ नहीं, मैं बस एक साया हूँपर आज उन्हीं गलियों का मैं राजा बन के आया हूँधूप में तपा हूँ तब जा के ये चमक पाई हैमेरी मेहनत ने ही मेरी किस्मत ये बनाई हैपैर ज़मीन पर हैं, पर नज़रें आसमां पर टिकीमुश्किलें आईं बहुत, पर हिम्मत मेरी न कभी थकी।

pre-chorus

शोर बढ़ रहा है, दिल धड़क रहा हैतूफानों के बीच अब तो ये आग भड़क रहा हैपीछे मुड़ के देखना अब मेरी फितरत नहींजो भी हासिल किया है, वो किसी की खैरात नहीं।

chorus

ये मेरी बस्ती, ये मेरा खून, ये मेरा रस्तामंजिल है दूर, पर इरादों में है एक फरिश्ताउठो और लड़ो, खुद की लकीरें खुद ही बनाओअपनी आग से इस ठंडी दुनिया को तुम जलाओये मेरी बस्ती, ये मेरा खून, ये मेरा रस्तामंजिल है दूर, पर इरादों में है एक फरिश्ता।

verse

चाय की दुकान पर बैठ के देखे थे जो सपनेअब उन सपनों को सच करने निकले हैं अपनेकोई शोर नहीं, बस काम की गूँज सुनाई देती हैमेरी रूह को अब बस मेरी जीत दिखाई देती हैकागज के टुकड़ों पर नहीं, मैंने लहू से लिखा हैजो भी आज पाया है, उसे मैंने खुद ही सीखा हैभीड़ में खोया नहीं, मैंने अपनी पहचान बनाई हैपत्थरों को तराश कर मैंने अपनी मूरत सजाई हैकोई न था साथ, जब मैं शून्य से चला थाआज हर कोई खड़ा है, जब मैं कामयाबी की राह पे ढला था।

bridge

वक्त का पहिया घूमेगा, अब बाजी पलटेगीमेरी मेहनत की खुशबू अब हवाओं में महकेगीडर को मैंने पीछे छोड़ दिया हैमैंने अपनी जंजीरों को खुद ही तोड़ दिया है।

verse

शहर की ये रातें अब गवाह हैं मेरी कोशिशों कीमेरी आँखों में चमक है अब नई सी ख्वाइशों कीलोग आएंगे, जाएंगे, पर मैं यहीं खड़ा रहूँगादुनिया के हर वार को मैं हँस के सहूँगान मैं रुका हूँ, न मैं झुकूँगा, न मैं कभी हारूँगाअपनी जीत का परचम मैं पूरी दुनिया में उतारूँगाये खेल नहीं है, ये जीने का मेरा तरीका हैमैंने खुद ही अपनी कामयाबी का सलीका सीखा है।

chorus

ये मेरी बस्ती, ये मेरा खून, ये मेरा रस्तामंजिल है दूर, पर इरादों में है एक फरिश्ताउठो और लड़ो, खुद की लकीरें खुद ही बनाओअपनी आग से इस ठंडी दुनिया को तुम जलाओये मेरी बस्ती, ये मेरा खून, ये मेरा रस्तामंजिल है दूर, पर इरादों में है एक फरिश्ता।

outro

बस चलते रहो, रुकना मना हैये सफर है मेरा, ये ही मेरा ठिकाना हैआग जलती रहेगी, रोशनी फैलती रहेगीमेरी कहानी अब हर जुबां पे चलती रहेगीचलते रहो।बस चलते रहो।

गली का राजा

धूल-धूसरित

Preview

गली का राजा by धूल-धूसरित | EchoLoRA: Generate a Song with AI